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Bihar Weather: बिहार में आज भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, 12 जिलों में मौसम रहेगा बेहद सक्रिय

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में 1 सितंबर को भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट है। औरंगाबाद, गया, रोहतास और कैमूर समेत 12 जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत।

पटना, 1 सितंबर। सितंबर की शुरुआत बिहार में सक्रिय मानसून के साथ हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र ने 1 सितंबर को राज्य में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान में 1 सितंबर के लिए भारी बारिश तथा थंडरस्टॉर्म-लाइटनिंग की चेतावनी दी गई है। 

मौसम की सबसे ज्यादा सक्रियता दक्षिण बिहार के हिस्सों में देखने को मिल सकती है। औरंगाबाद, कैमूर, गया और रोहतास में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका बताई गई है। इसके अलावा बेगूसराय, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में भी भारी बारिश की संभावना है। अचानक तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

दक्षिण बिहार में वज्रपात का खतरा

बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता वज्रपात को लेकर है। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई हिस्सों में गरजते बादलों के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। गया, जहानाबाद, पटना, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, नवादा, नालंदा, शेखपुरा और लखीसराय समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

बिजली चमकने या गरज सुनाई देने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब या नदी किनारे खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है। पेड़ के नीचे शरण लेने से भी बचना चाहिए। तेज हवा की स्थिति में बिजली के खंभों, कमजोर संरचनाओं और पेड़ों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।

किसानों के लिए भी जरूरी चेतावनी

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है, लेकिन खेत में काम करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। मौसम खराब होने पर खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। खासकर वज्रपात की स्थिति में खेत, बगीचे या खुले स्थान में मौजूद रहना खतरनाक हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने की स्थिति में किसान आसमान में बादलों की गतिविधि पर नजर रखें। यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो कृषि कार्य कुछ समय के लिए रोक देना अधिक सुरक्षित होगा।

31 अगस्त को कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 31 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। औरंगाबाद के मदनपुर में 130.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देव में 98.6 मिलीमीटर, कुटुंबा में 88.6 मिलीमीटर और रफीगंज में 70.4 मिलीमीटर बारिश हुई। बक्सर के डुमरांव में 67.8 मिलीमीटर, पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी में 61.4 मिलीमीटर और भोजपुर के शाहपुर में 57.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

रोहतास में 57.2 मिलीमीटर और गया के बांके बाजार में 48.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश ने यह संकेत दिया है कि मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय बनी हुई हैं।

2 से 4 सितंबर तक भी बारिश का दौर

बिहार में मौसम का असर सिर्फ 1 सितंबर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। पटना मौसम केंद्र के पूर्वानुमान में 2 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज मौसम गतिविधि की चेतावनी है। 3 और 4 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात का दौर जारी रह सकता है। 

इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहना होगा। स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में अंतर हो सकता है। एक इलाके में सामान्य बारिश के दौरान कुछ किलोमीटर दूर दूसरे क्षेत्र में तेज बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

तापमान में भी दिखेगा बारिश का असर

बादल और बारिश के कारण बिहार के अधिकांश हिस्सों में तापमान बहुत अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है। दक्षिण बिहार के जिन इलाकों में बारिश ज्यादा होगी, वहां दिन के तापमान में गिरावट से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस की परेशानी भी बनी रह सकती है।

पटना समेत कई शहरों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमानों को देखते हुए लोगों को स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। 

बारिश के दौरान क्या सावधानी बरतें?

वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।

पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश न करें।

बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।

तेज बारिश में नदी, तालाब और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाएं।

किसान गरज-चमक शुरू होने पर खेत में काम रोक दें।

तेज हवा के दौरान कमजोर मकान और होर्डिंग के आसपास जाने से बचें।

मौसम खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें।

कुल मिलाकर 1 सितंबर को बिहार में मानसून सक्रिय रहने वाला है। औरंगाबाद, गया, रोहतास और कैमूर में भारी बारिश तथा दक्षिण बिहार में वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश और आंधी-वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 

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किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी संदेश

बारिश को सिर्फ राहत के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं है। वज्रपात कुछ सेकंड में गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर ग्रामीण बिहार में बड़ी संख्या में लोग खेतों और खुले इलाकों में काम करते हैं। इसलिए मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है। बारिश का इंतजार करने के बजाय मौसम के संकेतों को समझना और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही सबसे बेहतर बचाव है।

प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। पंचायत स्तर तक वज्रपात से बचाव की जानकारी पहुंचनी चाहिए। किसानों को कृषि कार्य की योजना मौसम देखकर बनानी चाहिए। मोबाइल पर मौसम और बिजली गिरने से संबंधित चेतावनी मिलने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में कुछ देर का इंतजार फसल के नुकसान से कहीं बेहतर है, क्योंकि इंसानी जान की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।

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